पवित्र प्रेम पूजन
(स्थापना)
प्रेम ह्रदय में धर कर, आज करू मैं बात;
प्रेम ह्रदय में धर कर, आज करू मैं बात;
प्रेम बिना है कोई ना, देखा सकल समाज।
अति पवित्र यह शब्द परन्तु, धार सके हर कोई,
प्रेम ह्रदय में धार कर, दुःख मेटे हर कोई।
… पवित्र प्रेम कि स्थापना … <3
(पूजन)
जल से भी है निर्मल ऐसे, प्रेम शब्द का अर्थ गहन ।
प्रेम स्वरूपी जल से अब तो, करदूं सारे दुःख का अंत ।।
… पवित्र प्रेम को बिस्लरी समर्पित …
वंदन है चन्दन से शीतल, वंदन से आगे है प्रेम ।
चन्दन तुम्हे समर्पित होवे, अब हम सब धारेंगे प्रेम ।।
… पवित्र प्रेम को कोल्ड ड्रिंक समर्पित …
अक्षय होवे प्रेम हमारा, कभी नहीं कोई छोड़े ।
प्यार भरा, विश्वास भरा दिल; कभी नहि कोई तोड़े ।।
… पवित्र प्रेम को परफ्यूम समर्पित …
लाल गुलाब प्रतिक प्रेम का, जग में है प्रसिद्ध यह बात ।
लाल गुलाब समर्पित करता, होवे प्रेम भाव ही ख्यात ।।
… पवित्र प्रेम को लाल गुलाब समर्पित …
भूख प्रेम कि रहे सदा, यह भूख नहीं कोई खोवे ।
एक इसी कि भूख जिसे पा, प्राणी भी सुख से सोवे ।।
… पवित्र प्रेम को चॉकलेट समर्पित …
प्रेम प्रदीप जलाकर हम सब, करे समाज का अवलोकन ।
राह बतावे सबको हम भी, करे समाज का पथ दर्शन ।।
… पवित्र प्रेम को टार्च समर्पित …
एक प्रेम कि धूम फेलाऊ, करू सभी द्वेशो को नाश ।
प्रेम भाव ही फेले जग में, एक यही है मेरी आश ।।
… पवित्र प्रेम को हुक्का समर्पित …
फल ऐसा मैं चहुँ प्रेम का, सुखी रहे सदैव सब जीव।
ईर्षा क्रोध करे न कोई, चाहे हो छोटा सा जीव ।।
… पवित्र प्रेम को सेवफल समर्पित …
सब भावो का अर्घ बनाकर, उसे चढ़ाऊ आपके पाद ।
एक मात्र इस प्रेम भाव में, हो जाऊ तन्मय मैं आज ।।
… पवित्र प्रेम को 500 का नोट समर्पित …
(गुणमाला)
प्रेम भाव है सब जीवो में, पर है प्रेम प्रकार अनेक।
प्रेम भाव न हो तो जग में, घर घर होता सदा कलेश ।।
(गुणमाला)
प्रेम भाव है सब जीवो में, पर है प्रेम प्रकार अनेक।
प्रेम भाव न हो तो जग में, घर घर होता सदा कलेश ।।
सबसे ऊपर माँ का प्यार, जो दुनिया में है अविकार ।
ना कुछ चाहे तुमसे यार, तो भी रहे सदा बरक़रार ।।
ना कुछ चाहे तुमसे यार, तो भी रहे सदा बरक़रार ।।
दूजा प्रेम पिता का जान, जग का देते पूरा ज्ञान ।
होते है नारियल कि भांत, ऊपर ठोस नरम उनमान ।।
होते है नारियल कि भांत, ऊपर ठोस नरम उनमान ।।
तीजा प्रेम पूत का जान, जग में नाम को करे प्रधान ।
मात पिता दोय का लाल, बीवी आ कर करे हलाल ।।
मात पिता दोय का लाल, बीवी आ कर करे हलाल ।।
पत्नी का है प्रेम महान, यदि तुम करते सारा काम ।
ना माने तुम एक भी बात, हो जाता घर में उत्पात ।।
ना माने तुम एक भी बात, हो जाता घर में उत्पात ।।
भाई बाहें का रिस्ता नेक, खूब जगडते फिर भी एक ।
प्रेम करे दोनो ही खूब, नौटंकी से जाये उब ।।
प्रेम करे दोनो ही खूब, नौटंकी से जाये उब ।।
प्रेम के और अनेक प्रकार, जेसे मामा, मौसी परिवार ।
चाचा, फूफा, ये सब जो, सब का प्यार एक सा हो ।।
चाचा, फूफा, ये सब जो, सब का प्यार एक सा हो ।।
"दोस्त" प्रेम का एक प्रकार, ये होता अंजना प्यार ।
कभी कही कोई मिल जाये, प्रेम से वो भी दोस्त बन जाये ।।
कभी कही कोई मिल जाये, प्रेम से वो भी दोस्त बन जाये ।।
एक लड़का एक लड़की दोय, पहेले तो दोस्ती ही होय ।
फिर धीरे से बात बढे, धीरे धीरे मिलाप बढे ।।
फिर धीरे से बात बढे, धीरे धीरे मिलाप बढे ।।
दिल कि अदला बदली होय, फिर आँखों में नींद न होय ।
इसी तरह प्रेम हो जय, यह भी अजनबी प्रेम कहाय ।।
इसी तरह प्रेम हो जय, यह भी अजनबी प्रेम कहाय ।।
हीर रांझना का था प्रेम, रोमियो जुलिएट का भी प्रेम ।
एसा प्रेम अमर कहलाय, ऐसे प्रेम को हम भी पाय ।।
… पवित्र प्रेम को सबसे प्यारा तोहफा टेडी बेयर समर्पित …
एसा प्रेम अमर कहलाय, ऐसे प्रेम को हम भी पाय ।।
… पवित्र प्रेम को सबसे प्यारा तोहफा टेडी बेयर समर्पित …
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